बोध दिवस संत रामपाल जी महाराज 17 फरवरी 1988

17 फरवरी को संत रामपाल जी महाराज जी का बोध दिवस है (जिसे अध्यात्मिक जनदिन भी कहते हैं जिस दिन गुरु नाम दीक्षा मिलती है) जिनके ही बारे में पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ने 600 वर्ष पहले धर्मदासजी से कहा था कि कलयुग के मध्य में एक महापुरुष विश्व कल्याण के लिए प्रकट होगा। जब सभी धर्मों के अनुयायी एक होंगे तथा मोक्ष प्राप्त करेंगे।

आखिर संत रामपाल जी महाराज कौन हैं?

संत रामपाल जी महाराज वर्तमान में विश्व में एकमात्र पूर्ण संत हैं। इन्हीं के अध्यात्मिक ज्ञान से पूरे विश्व में शांति होगी।
17 फरवरी 1988 को उनको नाम उपदेश प्राप्त हुआ था। तब से लेकर अब तक उन्होंने करोड़ों लोगों को विकारों से मुक्त कर मोक्ष की राह दिखाई।

परमेश्वर कबीर जी ने कहा था कि ‘‘पृथ्वी और आकाश टल सकते हैं, सूर्य का अटल सिद्धांत है उदय-अस्त, वो भी निरस्त हो सकता है, लेकिन मेरी बातें कभी झूठी नहीं हो सकती।” जब कलयुग 5500 वर्ष बीत जाएगा तब एक महापुरूष जगत का उद्धार करने के लिए आएगा। वह महापुरुष संत रामपाल जी महाराज जी हैं जिनका आज 17 फरवरी को बोध दिवस है।

17 फरवरी 1988 को उनको नाम उपदेश प्राप्त हुआ था। तब से लेकर अब तक उन्होंने करोड़ों लोगों को विकारों से मुक्त कर मोक्ष की राह दिखाई।

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