दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस (Divine Meritorius Meal Days) का मतलब ही होता है “विशाल भंडारा” जब भी विशाल समागम का विषय आता है, तब संत रामपाल जी महाराज व उनके अनुयियों द्वारा हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है।  इस वर्ष 26 ,27 और 28 नवंबर को दिव्य धर्म यज्ञ दिवस (Divya Dharma Yagya Diwas) कई सतलोक आश्रमों में मनाया जायेगा।

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस क्यों मनाया जाता है?

विक्रमी संवत 1570 (सन 1513) में परमेश्वर कबीर जी ने काशी (उत्तर प्रदेश) में 18 लाख साधु संत को भंडारा करवाया था। जो 3 दिन तक कार्तिक महीने शुल्क पक्ष को प्रारम्भ हुआ था।

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस की वास्तविक कथा क्या है ?

कबीर परमेश्वर द्वारा काशी शहर में अद्भुत भंडारा करना। आज से लगभग 600 वर्ष पूर्व जब पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी पवित्र काशी नगर में प्रकट हुए थे, तब दिल्ली के बादशाह सिकंदर लोदी के पीर गुरु शेखतकी व अन्य धार्मिक मुल्ला काजी कबीर जी से अत्यधिक ईर्ष्या  करते थे। उन्होने ईर्ष्यावश कबीर साहेब को काशी से भगाने के लिए उनके नाम का झूठा निमंत्रण पत्र पूरे भारतवर्ष में प्रचारित कर दिया। निमंत्रण  में लिखा था की कबीर पुत्र निरु काशी में तीन दिन तक भंडारा करेगा। भोजन करने वाले प्रत्यके व्यक्ति को हर बार भंडारा करने के बाद एक मोहर (स्वर्ण मुद्रा) व एक दोहर दिया जाएगा।

भोजन में 7 प्रकार की मिठ्ठाई खीर, पूड़ी, हलवा दही-बड़े, आदि मिष्ठान बनाये जायेंगे। भंडारे में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सूखा सिद्धा भी दिया जायेगा। यह निमंत्रण पाकर दूर-दूर से साधु संत आने लगे। संत रविदास जी ने कबीर साहेब जी से सभी बातें कह सुनाया और कहा की आपके नाम का निमंत्रण लेकर बाहर साधु संतो की भीड़ इक्कठा होने लगी।  कबीर साहेब अन्तर्यामी थे वह अन्य केशव बंजारे का वेश धारण करके अमर लोक यानी सतलोक से नौ लाख बोरी में भंडारा सामग्री बैलों पर रखकर और एक लाख सेवादार के साथ काशी नगर आए।

केशव बंजारे के रूप में आए परमात्मा ने काशी नगर में अद्भुत भंडारे का आयोजन किया चाहे कितना भी खाओ कोई रोक टोक नहीं है, वहां मिठाई, जलेबी, चावल, लड्डू, खीर, हलवा, पनीर आदि कढ़ाई के ढेर के ढ़ेर लगे थे। मानो कबीर का भंडारा ही धरती पर आ गया हो। कुछ समय बाद कबीर साहेब संत रविदास जी और सिकंदर लोधी भी भंडारे में आ गए। भंडारे में उपस्थित लोग आश्चर्य चकित रह गए की यह कबीर सेठ है जिसने इतना बड़ा धर्म भंडारा किया है। दोनों रूप में उपस्थित परमात्मा सभी श्रद्धालुओं, संतो और भक्तों के बीच प्रश्न उत्तर किये तथा 24 घंटो तक सत्संग किया। वहाँ लाखों भक्तों ने तत्वज्ञान समझ कर अपनी नकली साधना त्यागकर पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी से नामदीक्षा लेकर अपना कल्याण करवाया। 

2023  में दिव्य धर्म यज्ञ दिवस कब मनाया जायेगा?

जब भी धार्मिक कार्यक्रम और भण्डारों के नाम सुने जाते है। साधु-महात्माओं की आवाज़ की गूंज हमारे कानों में सुनाई पड़ती है। इस वर्ष ऐसा ही आकर्षक कार्यक्रम जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सानिध्य में 26 नवंबर से 28 नवंबर 2023 तक आयोजित की जा रही है।

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023 में आयोजित होने वाले कार्यक्रम

  • रक्तदान शिविर
  • दहेज़ मुक्त रमैनी(विवाह)
  • निःशुल्क नामदीक्षा
  • 3 दिनों तक अखंड (24 घंटे) व विशाल भंडारा
  • संत गरीबदास जी महाराज जी की अमरवाणी का अखंड पाठ
  • अखंड ज्योति यज्ञ किया जायेगा

नोट:- सतलोक आश्रम धनाना धाम में दन्त व नेत्र के लिए निःशुल्क शिविर लगाया जा रहा है, जिसमे अनुभवी चिकित्सकों द्वारा जाँच व इलाज किया जायेगा।

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023 आयोजन स्थल:- (Divine Meritorius Meal Days 2023)

  1. सतलोक आश्रम धनाना धाम (हरियाणा)
  2. सतलोक आश्रम भिवानी (हरियाणा)
  3. सतलोक आश्रम कुरुक्षेत्र  (हरियाणा)
  4. सतलोक आश्रम धुरी (पंजाब)
  5. सतलोक आश्रम खमाणों (पंजाब)
  6. सतलोक आश्रम मुंडका (दिल्ली)
  7. सतलोक आश्रम शामली (उत्तर प्रदेश)
  8. सतलोक आश्रम बैतूल (मध्य प्रदेश)
  9. सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान)
  10. सतलोक आश्रम धनुषा (नेपाल)

जिसमें संपूर्ण विश्व को इस धर्म यज्ञ में सम्मिलित होने का न्यौता दिया गया है। इच्छुक श्रद्धालु अपने नजदीकी सतलोक आश्रम में उपस्थित होकर इस दिव्य धर्म यज्ञ दिवस (Divya Dharma Yagya Diwas) का लाभ उठा सकते हैं। इस पावन पर्व का लाइव प्रसारण “Spiritual leader Sant Rampal Ji Maharaj फेसबुक पेजयूट्यूब चैनल के माध्यम से भी किया जायेगा।

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