संत रामपाल जी ने हमे भयंकर तबाही से बचाया।

जी नमस्कार ,
नमस्कार जी ।

जी क्या नाम है आपका ?
शिवानी नामदेव ।

शिवानी जी आप कहा से आई है आप ?
में उदय पुरा जिला रायसिंद मध्य प्रदेश से आई हूं ।

संत रामपाल जी महाराज जी से दीक्षा लेने से पहले आप क्या भक्ति साधना करते थे ?
सर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी की शरण में आने से पहले तो हम सभी देवी देवताओं की भक्ति करते थे लिकिन उसने हमें कोई फायदा नही हुआ तो उसके बाद हम परमात्मा की खोज में लगे हुए थे । तो जयगुरु देव से जुड़े वहा पर 7, 8 साल तक भक्ति की लेकिन वहा पर जाने से कोई फायदा नहीं हुआ ।

आप किस फायदे की तलास में थे जिसकी वजह से देवी देवताओं की पूजा कर रहे थे जय गुरु देव को गुरु बनाया क्या चाहते थे आप ?

सर सबसे पहले में अपने पिता जी के बारे में बता देना चाहूंगी उनकी तबियत बहुत जायदा खराब रहती थी लेकिन जय गुरु देव में जाने से उन्हें कोई फायदा नही लगा इसलिए हम गुरु बदलने की तलाश में थे दवाइयां भी कराई डॉक्टर से भी कोई आराम नहीं लग रहा था उनके (chest) सीने में प्रॉब्लम थी chest में (pain) दर्द हो रहा था मेरे पिता जी को जबलपुर हॉस्पिटल दिखाया गया भोपाल हॉस्पिटल दिखाया गया लेकिन वहा पर कोई फायदा नहीं हुआ ।

फिर डॉक्टर ने आपको क्या बीमारी बताई ? उनके chest में जो दर्द हो रहा है वो क्यों हो रहा है ?
सर उनकी टीवी की वजह से उनके लंग्स खराब हो गए थे ।

बहन जी जैसा की आप बताया की अपने अपने पिता जी की बीमारी के लिए बहुत सारे डॉक्टर्स के पास गए अपने जय गुरु देव को अपना गुरु भी बताया तो हम यह जानना चाहेंगे जो अपने पिता जी की बीमारी थी वो कैसे ठीक हुई ?
सर संत रामपाल जी महाराज जी के बारे में हमने यूट्यूब पर देखा उनका एक चैनल है (Satlok Ashram) उस पर संत रामपाल जी महाराज का सत्संग आ रहा था और हमारे गांव के एक गुरु जी से जुड़े हुए है भगत जी है उन्होंने ज्ञान गंगा लाकर दी हमारे पिता जी ने उस ज्ञान गंगा को पड़ा ज्ञान को समझा और यूट्यूब चैनल पर सत्संग भी सुना फेसबुक पर सत्संग सुना ज्ञान समझकर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा ली ।

आपने संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा कब ली ?
सर हमने बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा 12 अप्रैल 2014 में नाम दीक्षा ली ।

शिवानी जी जैसा की अपने बताया की पहले आप जय गुरु पंथ से जुड़े थे जय गुरु देव से अपने नाम उपदेश ले रखा था अब अपने संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा ली है तो हम यह जानना चाहेंगे संत रामपाल जी महाराज व जयगुरू देव पंथ के ज्ञान में आपको क्या भिन्नता नजर आती है ?
सर जबतक संत रामपाल जी महाराज का सत्संग नहीं सुना था हमने जय गुरु देव की भक्ति करते थे वो हमें 5 नाम की भक्ति देते थे हम उनको ही सत्य मानकर भक्ति साधना करते थे अगर वो भक्ति साधना सही होती तो हमे इतनी सारी प्रॉब्लम्स बीमारियां नही होती आर्थिक स्थिति भी ठीक होती और घर में कोई नशा भी नही करता बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की शरण में आने से हमारे घर जो बीमारियां आई थी पापा की लंग्स की जो प्रॉब्लम थी वो भी ठीक हो गई और आर्थिक स्थिति भी ठीक हो गई सर ये सबसे बड़ा अंतर है बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी ही सच्चे संत है और इनसे बड़ा कोई संत नही है

शिवानी जी क्या संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के बाद आपको कोई लाभ भी मिला ?
सर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के बाद सर जो हमारे पापा को लंग्स की प्रॉब्लम थी उनकी जो बीमारी थी उसमे लाभ हुआ । पहले वो बहुत बीमार रहते थे जब भी में मेरे पापा की देखती थी तो मुझे उनको देखकर रोना आता था ऐसा लगता था पता नहीं पापा कब ठीक होंगे उसके कारण घर के जितने भी पैसे थे उनकी दवाईयो में ही खर्च हुए जा रहे थे घर में कोई बरक्कत नहीं हो रही थी जैसे ही बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से नाम लिया नाम लेते ही मेरे पापा की बीमारी ऐसे गायब हो गई जैसे कोई बीमारी थी ही नहीं और जो पैसा उनकी बीमारियो में लगता था वो पैसा भी बचने लगा और काम में भी बरकत होने लगी है तो इस प्रकार हमारी आर्थिक समस्या भी खत्म हो गई और हमें किसी चीज की कमी नही है इस प्रकार हम संत रामपाल जी महाराज जी से जुड़ने के बाद बहुत सुखी है सर एक लाभ और बताना चाहूंगी में आपको मेरा छोटा भाई अभी करोना टाइम में उसकी तबियत बहुत जायदा खराब हो गई थी सांस लेने में उसे प्रॉब्लम होने लगी अचानक 10, 11 बजे रात में तो सांस लेते नही बन रहा था उसे तो वह पूरा पसीने से भींग गया जैसे किसी ने ऊपर से पानी डाल दिया हो इतना पसीने से भींग गया सब लोग उसे हवा कर रहे लेकिन उसे सांस लेने में बहुत प्रोल्बम हो रही थी उसके बाद वो एकदम बेड पर खड़ा हुआ और खड़ा होकर एकदम से गिर गया तो हम लोगो ने सोचा इसकी तो मृत्यु हो गई है फिर मेने पापा जी से बोला आप के फोन में अरदास का नंबर होगा बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी के यहां अरदास लगाते है हो सकता है कुछ बात बन जाए तो पापा जी ने बोला अब कुछ नहीं हो सकता अब वो जा चुका है तो मेने बोला एक बार ट्राई करके देखते है तो जो अरदास के नंबर आते है बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज के यहाँ जो अरदास लगाई जाती है उन नंबर्स पर हमने फोन किया 10 , 11 बजे अरदास नहीं लगती लेकिन उस टाइम अरदास लग गई थी उन्होने पूछा क्या बीमारी है फिर बीमारी के बारे में बताया गया तो जैसे ही अरदास लगाई वैसे ही सांस लेने लग गया उसे तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया वहा हॉस्पिटल में उसे 1 घंटे की दवा देकर बोला इसे दूसरे हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया वहा पर उसे 15 दिन ऑक्सीजन लगी रही और उसकी रिपोर्ट सारी नॉर्मल आ रही थी डॉक्टर्स भी हैरान थे आखिर ये बीमारी क्या है ? इतनी बड़ी बीमारी होने के बाद भी सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल कैसे आ रही है आप किसी संत की भक्ति करते है क्या ? , किसी संत से जुड़े है क्या ? तो मेरे पापा ने बोला हां हम संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में है वो ही हमारे साथ है।
सर में एक और लाभ बताना चाहूंगी मेरा बड़ा भाई है वो कॉलेज से बी. टेक. कर रहा है तो कॉलेज से रिटर्न घर आ रहा था तब उसकी बस का अचानक से एक्सीडेंट हो गया सामने से एक बस आकार टक्कर हो गई जैसे ही बस की टक्कर हुई तुरंत ही बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज का नाम लिया की बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज मुझे बचा लो उस बस में 3 स्टूडेंट्स की मृत्यु हो गई थी लेकिन बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की दया से मेरे भाई को मामूली से खरोच आई है
मेरे भाई को बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी ने नया जीवन दान दिया है अगर मेरा भाई उस दिन बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की शरण में नही होता तो उस दिन मेरे भाई की भी डेथ हो जानी थी बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी ने मेरे भाई को नया जीवन दान दिया है।

और क्या लाभ मिले आपको (भयंकर तबाही) ?
सर जब हम जय गुरु देव की भक्ति करते थे तो जय गुरुदेव पंथ से जुड़े हुए थे तो मेरी दादी है उन्होंने परमात्मा को पाने के लिए बहुत ही कठिन साधना की 72 दिन तक उन्होंने जल नही लिया उनकी हालत बिल्कुल खराब हो चुकी थी उनके हाथ पैर काम करना बंद कर दिया था उन्होंने बोलना बंद कर दिया था फ़िर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की शरण में आए और उनकी भक्ति साधना की अपने हाथ से खाना खाने लगी है बोलने लगी है बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी ने उनको भी नया जीवन दान दिया है ।
सर एक बार मेरी मम्मी के सीने में अचानक से दर्द होने लगा तो मेरे पिता जी ने कहा बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा ले लो आप ठीक हो जाओगे मेरी मम्मी को विश्वास नही था ऐसे कैसे एक संत से नाम दीक्षा लेने से कोई ठीक हो सकता है जो डॉक्टर्स ठीक नही कर सकते वो संत रामपाल जी महाराज कैसे ठीक कर सकते है लेकिन उनका दर्द बढ़ता ही जा रहा था दर्द बड़ने के कारण उन्हे विश्वास तो नही था बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज पर लेकिन फिर भी उन्होंने सतलोक आश्रम बरवाला जाने का विचार किया और वो बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज के यहां गई बहुत तेज ठंड के करना ठंड बहुत तेज लग रही थी ट्रेन में उन्हें ठंड लग रही थी उन्होंने मन ही मन सोचा अगर ये बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज अगर भगवान है तो मुझे इस ठंड से बचा ले तो इतने में कुछ देर पश्चात ऊपर से एक सफेद कंबल आकर मेरी मम्मी के ऊपर गिरा तो मम्मी ने पूछा ये किसका है जितने भी लोग कैबिन में बैठे हुए थे सभी ने मना कर दिया ये हमारा नही है आसपास सब लोगो से पूछा सबने मना कर दिया तो पापा जी ने बोला बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी ने आपके लिए दिया है आपको ठंड लग रही है तो मेरी मम्मी को आश्रम पहुंचने से पहले ही बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज पर विश्वास हो गया और जब उन्होंने नाम दीक्षा ली नाम दीक्षा लेते ही उनके सीने का दर्द गायब हो गया ।

शिवानी जी जो आज का पड़ा लिखा समाज हैं वो इन चीजों में विश्वास नहीं करता किसी संत के आशीर्वाद से मंत्रो के जाप से इस प्रकार के कोई लाभ होते है तो हम यह जानना चाहेंगे की जो लोग इन चीजों में विश्वास नही करते और वो केवल मेडिकल ट्रीटमेंट पर ही विश्वास करते है तो आप उन लोगो को कैसे समझाएंगे उनको कैसे विश्वास दिलाएंगे (भयंकर तबाही?
सर में भी एम. बी. ए. कर रही हूं बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से मेने अंध विश्वास के तहत नाम दीक्षा नही लिया है मेने उनका ज्ञान समझकर शास्त्रों के अनुसार जो साधना बता रहे है वो प्रूफ के साथ भक्ति बताते है उसके अकॉर्डिंग हम भक्ति करते है और रही बात मेडिकल की अगर मेडिकल से मेरे पापा, मेरी मां , भाई , दादा जी और मेरा पैरालालिसिस अगर ये सब ठीक होना होता तो ठीक हो जाते बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी की भक्ति सही है इसलिए हम इस सभी दुखों से दूर हो गए है आप भगत समाज को क्या संदेश देना चाहते है ?
सर भगत समाज को संदेश तो नही बस हाथ जोड़कर प्रार्थना कर सकती हूं की इस धरती पर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज के रूप में भगवान आए हुए है उनसे नाम दीक्षा ले ये मनुष्य जन्म बार बार नही मिलता उनसे नाम दीक्षा ले और अपना कल्याण कराए।

शिवानी जी आज के दिन संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा कैसे ली जा सकती है ?
सर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के लिए YouTube पर Satlok Ashram के नाम से चैनल है Facebook पर Spritual Leader Saint Rampal Ji Maharaj के नाम से पेज है उस पर बंदी छोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी का सत्संग आता है उसमे नीचे एक लाइन आती है उसमे सतलोक आश्रम के नंबर्स आते है उन नंबर्स पर कॉल करके ज्ञान समझकर नाम दीक्षा ले सकते है ।
जी ध्यानवाद ,
सत साहेब जी

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