दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस (Divine Meritorius Meal Days) का मतलब ही होता है “विशाल भंडारा" जब भी विशाल समागम का विषय आता है, तब संत रामपाल जी महाराज व उनके…

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पूर्ण गुरु की पहचान

आज कलियुग में भक्त समाज के सामने पूर्ण गुरु की पहचान करना सबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारण-सा उत्तर है कि जो गुरु…

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गुरु व नाम महिमा की वाणी

गरीब, बिन उपदेश अचंभ है, क्यों जीवत हैं प्राण। बिन भक्ति कहाँ ठौर है, नर नाहिं पाषाण।।1।।गरीब, एक हरि के नाम बिना, नारि कुतिया हो। गली-2 भौंकत फिरै, टूक ना…

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भक्ति मर्यादा

”जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।“ प्रिय भक्तजनों ! आज से लगभग पाँच हजार वर्ष पहले कोई भी धर्म या…

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सत्यपुरूष का वर्तमान अवतार

सत्यपुरूष का वर्तमान अवतार "जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज" जी हैं जो सत्य साधना तथा तत्वज्ञान का प्रचार परमेश्वर के पूर्वोक्त परमेश्वर के अवतार सन्त किया करते थे। जिससे…

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परम अक्षर ब्रह्म अर्थात् सत्यपुरूष के अवतारों की जानकारी

परम अक्षर ब्रह्म स्वयं पृथ्वी पर प्रकट होता है। वह सशरीर आता है। सशरीर लौट जाता है:- यह लीला वह परमेश्वर दो प्रकार से करता है। i. प्रत्येक युग में…

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काल ब्रह्म के अवतारों की जानकारी

गीता अध्याय 4 का श्लोक 7 यदा, यदा, हि, धर्मस्य, ग्लानिः, भवति, भारत, अभ्युत्थानम्, अधर्मस्य, तदा, आत्मानम्, सजामि, अहम्।।7।। अनुवाद: (भारत) हे भारत! (यदा,यदा) जब-जब (धर्मस्य) धर्म की (ग्लानिः) हानि…

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अवतार की परिभाषा

‘अवतार’ का अर्थ है ऊँचे स्थान से नीचे स्थान पर उतरना। विशेषकर यह शुभ शब्द उन उत्तम आत्माओं के लिए प्रयोग किया जाता है, जो धरती पर कुछ अद्धभुत कार्य…

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रावण तथा भस्मासुर की कथा।

आप जी को भस्मासुर की कथा का तो ज्ञान है ही। भगवान शिव (तमोगुण) की भक्ति भष्मागिरी करता था। वह बारह वर्षों तक शिव जी के द्वार के सामने ऊपर…

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