संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस 2024

sant garibdas ji bodh diwas 2024

21  मार्च 2024 को संत गरीबदास जी महाराज का बोध दिवस (sant garibdas ji maharaj bodh diwas 2024) है। तीन शताब्दी पूर्व परमेश्वर कबीर साहेब ने ज़िंदा बाबा के रूप में प्रकट होकर संत गरीबदास जी महाराज जी को 10 वर्ष की आयु में ज्ञान उपदेश दिया। Notice:- 21 मार्च…

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श्री राम जन्म भूमि में शुरू हुआ विशाल भंडारा (Ayodhyay Ram Mandir Vishal Bhandara by Sant Rampal Ji)।

ayodhya bhandara by sant rampal ji

श्री राम जन्म भूमि अयोध्याय में विशाल भंडारा शुरू हो चुका है। आपको बता दे की यह विशाल भंडारा सतलोक आश्रम धनाना, धाम (सोनीपत, हरियाणा) द्वारा शुरू किया गया जिसके संचालक संत रामपाल जी महाराज जी हैं। यह भंडारा लगभग एक महीने तक चलने वाला है। वही संत रामपाल जी…

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दिव्य धर्म यज्ञ दिवस 2023

Divine Meritorius Meal Days

दिव्य धर्म यज्ञ दिवस (Divine Meritorius Meal Days) का मतलब ही होता है “विशाल भंडारा” जब भी विशाल समागम का विषय आता है, तब संत रामपाल जी महाराज व उनके अनुयियों द्वारा हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है।  इस वर्ष 26 ,27 और 28 नवंबर को दिव्य धर्म यज्ञ दिवस…

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पूर्ण गुरु की पहचान

पूर्ण गुरु की पहचान

आज कलियुग में भक्त समाज के सामने पूर्ण गुरु की पहचान करना सबसे जटिल प्रश्न बना हुआ है। लेकिन इसका बहुत ही लघु और साधारण-सा उत्तर है कि जो गुरु शास्त्रों के अनुसार भक्ति करता है और अपने अनुयाइयों अर्थात शिष्यों द्वारा करवाता है वही पूर्ण संत है। चूंकि भक्ति…

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गुरु व नाम महिमा की वाणी

गुरु व नाम महिमा की वाणी

गरीब, बिन उपदेश अचंभ है, क्यों जीवत हैं प्राण। बिन भक्ति कहाँ ठौर है, नर नाहिं पाषाण।।1।।गरीब, एक हरि के नाम बिना, नारि कुतिया हो। गली-2 भौंकत फिरै, टूक ना डालै को।।2।।गरीब, बीबी पड़दे रहैं थी, डयोढी लगती बार। गात उघाड़े फिरती हैं, बन कुतिया बाजार।।3।।गरीब, नकबेसर नक से बनी,…

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भक्ति मर्यादा

भक्ति मर्यादा

”जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा ।हिन्दु मुसलिम सिक्ख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा ।।“ प्रिय भक्तजनों ! आज से लगभग पाँच हजार वर्ष पहले कोई भी धर्म या अन्य सम्प्रदाय नहीं था। न हिन्दु, न मुसलिम, न सिक्ख और न ईसाई थे। केवल मानव धर्म था। सभी का…

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सत्यपुरूष का वर्तमान अवतार

सत्यपुरूष का वर्तमान अवतार

सत्यपुरूष का वर्तमान अवतार “जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज” जी हैं जो सत्य साधना तथा तत्वज्ञान का प्रचार परमेश्वर के पूर्वोक्त परमेश्वर के अवतार सन्त किया करते थे। जिससे आपसी प्रेम था, एक दूसरे के दुःख में दुःखी होते थे, असहाय व्यक्ति की मदद करते थे, वही शास्त्रविधि अनुसार…

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परम अक्षर ब्रह्म अर्थात् सत्यपुरूष के अवतारों की जानकारी

परम अक्षर ब्रह्म अर्थात् सत्यपुरूष के अवतारों की जानकारी

परम अक्षर ब्रह्म स्वयं पृथ्वी पर प्रकट होता है। वह सशरीर आता है। सशरीर लौट जाता है:- यह लीला वह परमेश्वर दो प्रकार से करता है। i. प्रत्येक युग में परम अक्षर ब्रह्म शिशु रूप में किसी सरोवर में कमल के फूल पर वन में प्रकट होता है। वहां से…

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काल ब्रह्म के अवतारों की जानकारी

काल ब्रह्म के अवतारों की जानकारी

गीता अध्याय 4 का श्लोक 7 यदा, यदा, हि, धर्मस्य, ग्लानिः, भवति, भारत, अभ्युत्थानम्, अधर्मस्य, तदा, आत्मानम्, सजामि, अहम्।।7।। अनुवाद: (भारत) हे भारत! (यदा,यदा) जब-जब (धर्मस्य) धर्म की (ग्लानिः) हानि और (अधर्मस्य) अधर्म की (अभ्युत्थानम्) वृद्धि (भवति) होती है (तदा) तब-तब (हि) ही (अहम्) मैं (आत्मानम्) अपना अंश अवतार (सजामि)…

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